Garden of Five Senses में date के दौरान कम लोग जानते हैं ये hidden corners और activities

Garden of Five Senses में date पर जाएं तो सिर्फ मेन गेट तक मत रुकिए — ये hidden corners और activities आपकी शाम को सच में खास बना देंगे।

मनोरंजन (ENTERTAINMENT)

8/29/20261 मिनट पढ़ें

दिल्ली में date के लिए जगह ढूंढना मतलब — या तो कोई महंगा रेस्टोरेंट, या फिर वही घिसा-पिटा मॉल। लेकिन साकेत के पास बसा Garden of Five Senses एक ऐसी जगह है जहां ज़्यादातर लोग सिर्फ एंट्री लेकर थोड़ा घूमते हैं और निकल जाते हैं। असली मज़ा तो उन कोनों में है जहां भीड़ नहीं पहुंचती — और वहीं एक date सच में यादगार बन सकती है।

तो अगर आप प्लान बना रहे हैं या बस ideas ढूंढ रहे हैं, तो यह लेख आपके काम का है।

बांस के झुरमुट के पीछे वाला शांत कोना

Garden of Five Senses का नक्शा देखें तो मेन वॉकवे से हटकर दाईं तरफ बांस के पेड़ों की एक घनी कतार है। ज़्यादातर लोग उस तरफ जाते ही नहीं क्योंकि रास्ता थोड़ा कम obvious लगता है। लेकिन उसके पीछे एक छोटी सी जगह है जहां पत्थर की बेंचें हैं, ऊपर पेड़ों की छांव है, और आवाज़ें भी काफी कम हो जाती हैं।

यहां बैठकर बात करने का एक अलग ही फील होता है — न कोई देख रहा है, न कैमरे वाले tourists का झुंड। अगर आप दोनों बस कुछ देर चुपचाप बैठना चाहते हों, या कोई ज़रूरी बात करनी हो, तो यह जगह परफेक्ट है।

टिप: सुबह के वक्त यहां हल्की धूप भी आती है जो काफी खूबसूरत लगती है — photography के लिए भी अच्छी जगह है।

Sculpture Trail — जहां हर मूर्ति एक बात कहती है

Garden of Five Senses में एक पूरा sculpture trail है जहां अलग-अलग कलाकारों की बनाई मूर्तियां रखी हैं। यह trail घुमावदार रास्ते पर है और हर मूर्ति के पास एक छोटी सी जानकारी काबोर्ड लगा है।

यहां date का एक मज़ेदार तरीका यह है कि दोनों अलग-अलग मूर्तियों के पास रुकें और एक-दूसरे को बताएं कि उन्हें उसमें क्या दिखता है। कोई सही या गलत जवाब नहीं — बस एक-दूसरे की सोच जानने का मौका। यह छोटी सी एक्टिविटी बातचीत को एकदम नई दिशा दे देती है।

कुछ sculptures काफी abstract हैं, कुछ nature से inspired, और कुछ में इंसानी रिश्तों की झलक है। अगर आप दोनों art में थोड़ी भी दिलचस्पी रखते हैं तो यह trail आधा घंटा आराम से ले लेगी — और बोरियत बिल्कुल नहीं होगी।

Amphitheatre और Event Space — सिर्फ शो के लिए नहीं

Garden of Five Senses में एक खुला amphitheatre भी है। जब कोई event नहीं होता, तब यह जगह काफी खाली और शांत रहती है। यहां की सीढ़ीदार बैठक पर बैठकर सूरज ढलते देखना — खासकर शाम पांच-छह बजे के आसपास — एक अलग ही experience है।

यहां कभी-कभी local music performances, food festivals और cultural events भी होते हैं। अगर आप पहले से थोड़ी रिसर्च करके जाएं — garden की official दिल्ली सरकार की वेबसाइट या social media पर चेक करें — तो हो सकता है आपकी visit किसी live performance के साथ मिल जाए। यह date को एक surprise element दे देता है जो बिना ज़्यादा पैसे खर्च किए भी काफी special लगता है।

एक बात ध्यान रखें: weekends पर amphitheatre के आसपास थोड़ी ज़्यादा भीड़ हो सकती है, इसलिए अगर weekday को जा सकें तो माहौल और भी सुकून भरा मिलेगा।

Fragrance Garden — पांचों इंद्रियों का असली अनुभव यहां है

Garden of Five Senses का नाम ही पांच इंद्रियों पर रखा गया है, लेकिन ज़्यादातर लोग सिर्फ आंखों से देखकर चले जाते हैं। असली जादू fragrance garden में है — जहां खास तरह के फूल और पौधे लगाए गए हैं जिनकी खुशबू और texture को छूकर, सूंघकर महसूस किया जा सकता है।

यहां कुछ पौधों की पत्तियां रगड़ने पर अलग-अलग खुशबू आती हैं — कुछ में नींबू जैसी ताज़गी, कुछ में मिट्टी की सोंधी महक। यह एक बेहद sensory experience है जो किसी मॉल या रेस्टोरेंट में नहीं मिलसकता।

date पर यहां आएं तो एक-दूसरे को आंखें बंद करके अलग-अलग पत्तियों की खुशबू सुंघाएं और अंदाज़ा लगाने को कहें। यह बेवकूफाना लग सकता है, लेकिन यही छोटी-छोटी हंसी वाली चीज़ें किसी भी date को comfortable और relaxed बना देती हैं।

खाने-पीने का इंतज़ाम — बाहर से पैक करके लाएं या अंदर का कैफे

Garden of Five Senses के अंदर एक छोटा कैफे है जहां चाय, कॉफी और कुछ snacks मिलते हैं। यह बहुत fancy नहीं है, लेकिन एक कप चाय लेकर किसी शांत कोने में बैठना — यही तो असली baat है।

अगर budget और comfort दोनों का ख्याल रखना हो तो एक अच्छा option यह है कि घर से या बाहर से कुछ खाना pack करके लाएं। Garden में picnic की अनुमति है और कई couples यही करते हैं। एक छोटी सी दरी, कुछ खाने का सामान, और अच्छी बातें — यह किसी भी महंगे रेस्टोरेंट से ज़्यादा personal और यादगार experience बन जाता है।

बस ध्यान रखें कि कूड़ा वहीं न छोड़ें — garden की खूबसूरती बनाए रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।

जाने से पहले ये ज़रूरी बातें जान लें

कुछ practical चीज़ें हैं जो date को smooth बनाती हैं और जिन्हें ignore करने पर मज़ा किरकिरा हो सकता है।

Garden of Five Senses साकेत मेट्रो स्टेशन से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है — ऑटो या cab आसानी से मिल जाती है। एंट्री फीस बेहद कम है और यह सोमवार को बंद रहता है, इसलिए visit से पहले एक बार confirm ज़रूर कर लें।

सुबह जल्दी या शाम को आना सबसे अच्छा रहता है — दोपहर की कड़ी धूप में घूमना थका देता है और मज़ा भी आधा रह जाता है। मानसून के बाद यानी अक्टूबर से फरवरी के बीच यहां आना सबसे बेहतरीन रहता है जब पेड़-पौधे हरे-भरे होते हैं और मौसम सुहाना होता है।

कैमरा या अच्छा smartphone साथ लेकर चलें — यहां हर कोना एक अच्छी फोटो के लिए तैयार है।

निष्कर्ष

Garden of Five Senses इसलिए खास नहीं है कि यह कोई बड़ा tourist spot है — बल्कि इसलिए खास है कि यहां आप दोघड़ी बिना किसी शोर-शराबे के सिर्फ एक-दूसरे के साथ बिता सकते हैं। न कोई menu देखने की जल्दी, न वेटर का इंतज़ार, न बिल का टेंशन।

यहां के hidden corners, sculpture trail, fragrance garden और वो शांत बांस वाला कोना — ये सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाते हैं जो दिल्ली की भागदौड़ से बिल्कुल अलग लगता है। और सच कहें तो, एक अच्छी date के लिए किसी fancy जगह की ज़रूरत नहीं होती — बस सही माहौल और थोड़ी सी planning चाहिए।

तो अगली बार जब date plan करें, तो मॉल का option बाद में सोचें — पहले इस garden को एक मौका दें। एक बार गए तो शायद यह आपकी favourite जगहों में से एक बन जाए।

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